हिग्रास नशा मुक्ति केन्द्र का संचालन

हिग्रास नशा मुक्ति केन्द्र का संचालन

हिमालयन ग्रामोद्योग विकास सस्ंथान द्वारा हिगा्र स नशा मुक्ति केन्द्र की स्थापना वर्ष 2006 मंे इस उद्देश्य के साथ की गयी थी कि समाज में व्याप्त नशे की आदत से लोगों को छुटकारा दिलाया जा सके। उत्तराखंड के इस सीमान्त क्षेत्र में नशे की आदत विगत दशकों में कुछ तेजी से ही बड़ी है। जिसका मुख्य कार ा जहां एक ओर इस क्षेत्र का सैनिक बहुल होना है जिन्हें प्रति माह सरकार द्वारा रियायती दरों पर मदिरा उपलब्ध कराई जाती है वहीं दसू री ओर मदिरापान को सामाजिक मान्यता मिल चुकी है जिससे युवाओं में भी इसका प्रचलन बड़ गया है। इससे पूर्व लोगों को नशे जिससे वे चाहकर भी इसकी की आदत से छुटकारा पाने के लिये उपचार नहीं मिल पाता था लत को नहीं छोड़ पाते थे। नशा मुक्ति केन्द्र की स्थापना के बाद से ही संस्था ने कई लोगों का केन्द्र में उपचार किया तथा उन्हें नशा मुक्त जीवन व्यतीत करने से सहायता देकर समाज की मुख्य धारा में सम्मलित किया।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली के वित्तीय सहयोग से संस्था द्वारा वर्ष 2006 से हिग्रास नशा मुक्ति केन्द्र का संचालन पिथौरागढ़ मंे सफलता पूर्वक किया जा रहा है। इस वर्ष भी सस्ंथा द्वारा कार्यक्रम का सचंालन किया गया। संस्था द्वारा संचालित 15 विस्तरों के नशा मुक्ति केन्द्र मंे विभिन्न प्रकार के नशे जैसे- शराब, चरस, गांजा,अफीम आदि के आदी लोगों का निशुल्क उपचार किया गया। नशा मुक्ति केन्द्र मंे नशे के आदी लोगों को काउसिंलिंग, योगा एवं धार्मिक प्रसंगांे के माध्यम से मानसिक रूप से नशे की आदत छोड़ने हेतु प्रेरित किया जाता है साथ ही दवाईयों के माध्यम से उचित उपचार किया जाता है। सामान्य मरीजों को ओ.पी.डी के माध्यम से उपचार दिया जाता है तथा गम्भीर मरीजों को केन्द्र में भर्ती कर आवश्यक उपचार दिया जाता है। इस वर्ष नशा मुक्ति केन्द्र का स्थानीय पूर्व विधायक श्री मयूख महर जी द्वारा भी निरीक्षण किया गया। भवन में मरीजों हेतु पर्याप्त स्थान, आगंन तथा अन्य सुविधाओं को दख्ेाकर विधायक श्री मयुख महर जी् द्वारा संस्था द्वारा किये जा रहे कार्य की सराहना भी की गयी तथा अपनी ओर से हर सम्भव सहायता का आवासन दिया प्रकार हैः-
ओ पी डी मरीज - 318
इनडेार मरीज - 177
कुल - 495
इस प्रकार कुल वर्ष में कुल 495 मरीजों का उपचार किया गया । इसमें से अधिकांश आज नशा मुक्त जीवन व्यतीत कर रहे है। उपचार के उपरान्त मरीजों से निरन्तर सम्पर्क किया जाता है। जिससे कि वे भविष्य में नशे की तरफ न जायें। इसके साथ ही जो लोग नशे की लत से छुटकारा पाकर आज नशा मुक्त जीवन व्यतीत कर रहे हैं उन्हें समय समय पर केन्द्र में आमत्रित किया जाता है जिससे कि वे मरीजों को नशा छोड़ने हेतु प्रेरित कर सकें। यह प्रयास काफी सराहनीय रहा है ।

हिग्रास नशा मुक्ति केन्द्र
मरीजवार्ड
निरीक्षण

प्रचार प्रसार कार्यक्रम

नशा मुक्ति केन्द्र द्वारा इस वर्ष भी जनपद पिथौरागढ़ के विभिन्न स्थानों पर नशा मुक्ति कार्यक्रम का प्रचार प्रसार किया गया । विभिन्न स्थानों पर गाेिष्ठयांे एवं चर्चाओं के माध्यम से लोगां को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया। इसके अतिरिक्त लोगां में नशे के आदी लोगों का उपचार कराने हेतु उन्हें प्ररेति किया गया |